जनादेश – “मामा” नही “महाराज” …..! कोलारस-मुंगाबली विधानसभा उप चुनाव…! दोनो सीटो पर “मतदाता माईबाप” ने भाजपा को नकारा….! कांग्रेस ने की फतेह ….

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जनादेश – “मामा” नही “महाराज” …..!
कोलारस-मुंगाबली विधानसभा उप चुनाव…!
दोनो सीट पर मतदाता माईबाप ने भाजपा को नकारा….!

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बृजेश सिंह तोमर
खबर आजकल.कॉम
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कोलारस मुंगावली विधानसभा उपचुनाव की मतगणना के पश्चात आज सामने आये जनादेश में जनता ने पूरी तरह जहां मामा शिवराज सिंह को नकार दिया है वही महाराज ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रति अपनी आस्था पुन: व्यक्त करते हुए उन्हें जीत का ताज प्रदान किया है!
दोनों ही स्थानों पर मतगणना की कशमकश के बीच कांग्रेस ने भाजपा प्रत्याशी पर जीत दर्ज की। मुंगावली में जहां यह परिणाम मतगणना के 19 चक्रों के बाद सामने आए वही कोलारस में 23 चक्र की मतगणना के बाद कांग्रेस ने जीत हासिल की । विधानसभा चुनाव 2018 के पूर्व सेमीफाइनल के तौर पर देखे जा रहे इस चुनाव में जैसे ही कांग्रेसी खेमे ने जीत दर्ज कराई वैसे ही कांग्रेसी खेमा जश्न के रूप में सड़कों पर उतर आया।
गौरतलब है कि मुंगावली में महेंद्र सिंह कालूखेड़ा व कोलारस में विधायक राम सिंह यादव के आकस्मिक निधन के बाद रिक्त हुई सीटों पर उपचुनाव पर हुआ जिसके लिए महीने भर से नूराकुश्ती का दौर जारी हो गया था ।जहां एक और प्रदेश सरकार की ओर से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह सहित उनके कुनबे के अधिकांश मंत्री व विधायक कोलारस और मुंगावली की बागडोर संभाल चुके थे वही कांग्रेसी खेमे में इन क्षेत्रों की कमान सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने संभाली थी क्योंकि यह चुनाव 2018 के विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल भी माना जा रहा था जिसके कारण प्रदेश की भाजपा सरकार ने इन दोनों ही स्थानों पर अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। कोलारस में आचार संहिता के पूर्व ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान स्वयं सहरिया आदिवासियों व दलितों को साधने के प्रयास में तकरीबन 5 सभाएं कर चुके थे। साथ ही कोलारस व मूंगाबंली में रात्रि विश्राम भी कर चुके थे ।इसके अलावा प्रदेश सरकार की ओर से कई कबीना मंत्री स्थाई रूप से यहां अपना स्टे कर चुके थे ।कांग्रेस की तरफ से फिलवक्त तक मुख्यमंत्री का चेहरा भी घोषित नहीं हुआ था इसलिए ज्योतिरादित्य सिंधिया के लिए भी यह चुनाव अग्निपरीक्षा का दौर था ।
जहां प्रदेश सरकार के तमाम कद्दावर मंत्री इस क्षेत्र में अपनी ताकत झोंक चुके थे वही ज्योतिरादित्य सिंधिया भी मैदान में सीधे सीधे तौर पर चुनौती देने के लिए आ गए हालांकि उनका साथ देने के लिए भी कुछ पूर्व मंत्री व विधायक मैदान में आए किंतु सीधे तौर पर या चेहरा ज्योतिरादित्य सिंधिया का सामने आ रहा था। भाजपा सरकार की भरसक कोशिश यह थी कि सिंधिया को उसके घर में ही घेर लिया जाए और किसी भी प्रकार से पराजित किया जाए ताकि घर में हारने के बाद आगे के लिए मुख्यमंत्री के तौर पर इनकी दावेदारी भी कांग्रेसी खेमें में खतरे में आ सकती है वही चित्रकूट हारने के बाद बौखलाई भाजपा के लिए भी अपना बहुमत सिद्ध करने के लिए यह चुनाव अंतिम मौका था।
आज सामने आए जनादेश ने पूरी तरह से मामा शिवराज सिंह को न केवल दोनों ही सीटों पर जनता ने नकार दिया बल्कि महाराज ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रति अपनी पूरी आस्था भी व्यक्त करते हुए उन्हें कशमकश भरे चुनाव को दोनों ही सीटों पर जीता दिया।
मुंगावली के 19 चक्रों की गणना के बाद जहां कांग्रेस प्रत्याशी 2,000 से अधिक मतों से अपनी जीत दर्ज कराने में सफल हुए वही कोलारस विधानसभा के 23 चक्रों में चली कशमकश भरी मतगणना के बीच भाजपा महज़ 2 चक्रों में मामूली सी बढ़त ले पाई । शेष चक्रों में भाजपा निरंतर कांग्रेस प्रत्याशी से पीछे जाती गई और तकरीबन 8000 मतों से भाजपा प्रत्याशी पर अपनी जीत दर्ज करा दी । यहां यह भी स्पष्ट कहा जा सकता है कि इस चुनाव में दोनों ही प्रत्याशी भले मैदान में सामने थे किंतु मुख्य रूप से यह चुनाव मामा शिवराज सिंह चौहान और महाराज ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच चल रहा था जिसमें ज्योतिरादित्य सिंधिया ने समूची प्रदेश की भाजपा सरकार को धूल चटाते हुए अपना जनादेश सिद्ध कर दिया और दोनों ही स्थानों पर कांग्रेस की जीत दर्ज करा दी। वर्ष 2018 के मुख्य विधान सभा चुनाव को लेकर भी यह जीत कांग्रेस के पाले में अच्छे संकेत नजर आ रही है….!